बिहार को मिला सबसे कम उम्र की मुखिया, 21 साल की अनुष्का संभालेगी कमान

Araria News
Bihar got the youngest mukhiya

पिता जिला परिषद और दादा पंचायत के मुखिया रह चुके हैं तो घर की बेटी अनुष्का कैसे पीछे रहने वाली थी । बैचलर की डिग्री प्राप्त कर चुकी अनुष्का शिवहर जिले की कुशहर गांव की रहने वाली है । बिहार की सबसे कम उम्र की मुखिया बन चुकी है 21 वर्षीय अनुष्का (Bihar youngest mukhiya)। अनुष्का की रुचि समाज कार्यों में हमेशा से रही है। अनुष्का के पिता जी जिला परिषद और दादा जी पंचायत के मुखिया भी रह चुके हैं सायद यही कारण था की उसने भी अपने दादा और पिता जी की तरह राजनीती में हाथ आजमाया और बन गई बिहार की सबसे काम उम्र की मुखिया ।

बिहार को मिला सबसे कम उम्र की मुखिया

इस बार के बिहार के पंचायत चुनाव में महिलाओं की भागीदारी ज्यादा देखने को मिली। न सिर्फ बड़ी संख्या में महिलाएं पंचायत चुनाव में भाग लेते दिखी साथ ही जित भी हासिल कर जनप्रतिनिधि बनी।  सातवें चरण के आए चुनाव परिणाम में भी बड़ी संख्या में महिलाओं ने बाजी मारी । इन सब के बीच सबसे बड़ी बात यह है कि अब तक के चुनाव परिणामों में बिहार की सबसे कम उम्र की मुखिया भी महिला ही चुनी गई हैं। शिवहर जिले की कुशहर पंचायत में 21 साल की अनुष्का मुखिया बनी हैं। आपको यह भी बता दे कि अनुष्का के दादा भी 20 साल तक मुखिया रह चुके थे।

जानिए अनुष्का के बारे में

चलिए जानते हैं कुछ अनुष्का के बारे में ! अनुष्का ने बेंगलुरु के प्रतिष्ठित संस्थान से बैचलर की डिग्री हासिल की है। पढ़ाई के बाद वह गांव लौट गई और इस बार पंचायत चुनाव में उसने चुनाव लड़ने का फैसला किया । यह निर्णय चौकाने वाला था क्यू कि अभी उसकी उम्र महज 21 वर्ष थी और उसके समक्ष बड़े बड़े दिग्गज मैदान में थे । इन सब के बावजूद उसने मुखिया पद के लिए नामांकन दाखिल किया। अनुष्का ने अपनी प्रतिद्वंदी रीता देवी को 287 मतों से हरा दिया। अनुष्का की जीत आज पंचायत के अलावा पूरे राज्य में चर्चा का विषय है।अनुष्का के पिता सुनील कुमार सिंह 2011 से 2016 तक जिला पार्षद रह चुके हैं । वहीं, दादा राजमंगल सिंह 1978 से 2001 तक पंचायत में बतौर मुखिया के रूप में प्रतिनिधित्व किया था ।

दादा के सपनो को करना चाहती है साकार

अनुष्का ने इस जित के बाद अपने दादा के सपनों को साकार करने की बात कही है । दादा चाहते थे कि इस पंचायत में मेडिकल कॉलेज (Medical College) बने, जिसके लिए परिवार ने जमीन भी दिया है। मेरी पहली प्राथमिकता इसे बनाना है। इसके अलावा पंचायत को डिजिटल और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है।  जीत के बाद पंचायत के लोगों का कहना है कि अनुष्का को अपने दादा के द्वारा किए गए कामों  के लिए इतना प्यार और स्नेह मिला है । उसके दादा ने इस पंचायत के लिए कई विकास के काम किये हैं जिसमे हाई स्कूल का निर्माण भी शामिल है ।

Share This Article