Jobs for 10 lakh youth before Bihar elections

बिहार चुनाव से पहले 10 लाख युवाओं को नौकरी, गरीब परिवारों को दो-दो लाख रुपये, सीएम नीतीश का एलान

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राज्य के 10 लाख युवाओं को नौकरी की सौगात मिलने वाली है। इसके साथ ही प्रदेश के गरीब परिवारों को 2-2 लाख रूपए भी दिए जाएंगे। इन बातों का एलान सीएम नितीश कुमार ने किया है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हमने शिक्षकों की बहाली हमने की लेकिन कुछ लोग इसका श्रेय लेने में लगे हैं। अब तक आठ लाख युवाओं को नौकरी दे दी गई है।

बिहार चुनाव से पहले 10 लाख नौकरी देने का वायदा

मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने एलान किया की अगले साल से पहले ही हम लोग 10 लाख नौकरी देने का वायदा पूरा कर देंगे। इसकी तैयारी कर ली गई है।

शनिवार को भोजपुर के जगदीशपुर नगर में और गड़हनी के रामदहिन मिश्र स्टेडियम में आयोजित चुनावी सभाओं में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जातीय गणना की है। यह गणना दिखाई कि 90% परिवार गरीबी का सामना कर रहे हैं।

बिहार के 94 लाख गरीब परिवारों को दो-दो लाख रुपये

इसलिए, 94 लाख गरीब परिवारों को सशक्तिकरण के लिए दो-दो लाख रुपये दिए जाएंगे। हमने आरक्षण का दायरा भी 75% तक बढ़ा दिया है। बिहार में माहौल बदल चुका है, और विकास का सफर अग्रसर है। हर कोई विकास के लिए अग्रसर है। मैं पूरे बिहार के लोगों को अपने परिवार के समान मानता हूं।

विरोधियों को निशाना पर लेते हुए उन्होंने कहा कि – “कुछ लोग सिर्फ अपने बच्चों में लगे रहते हैं। बिना नाम लिए, उन्होंने तेजस्वी यादव को निशाना बनाया और कहा कि कुछ लोग बेतहाशा प्रचार कर रहे हैं, जिन्होंने गड़बड़ की है और जिन्हें मैंने निकाल दिया है।”

“पहले शाम को कोई नहीं जाता था बाहर”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की राजद सरकार के दौरान शाम को कोई बाहर नहीं जाता था। लेकिन भाजपा और जदयू ने मिलकर हर गांव-घर में विकास का काम किया है। अब हर घर में बिजली की रोशनी और नल का पानी पहुंचाई गई है। प्रत्येक टोले को पक्की सड़कों से जोड़ा गया है।

जो कुछ भी बचा है, उसे भी जल्द ही काम में लिया जाएगा। 1995 में उन्होंने एनडीए में शामिल होने का फैसला किया। इस बीच, उन्होंने दो बार राजद के साथ काम किया, लेकिन उसमें इतनी गड़बड़ हुई कि वे फिर से वापस आ गए। अब उन्हें किसी दूसरे के साथ जाने का कोई इरादा नहीं है।

उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि 2005 के पहले की स्थिति कैसी थी। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कें, बिजली, सिंचाई, पुल-पुलिया, सभी विभागों की हालत बहुत ही खराब थी। हमने सभी विभागों की स्थिति को सुधारा है।

जब भाजपा और जदयू ने साथ मिलकर काम करना शुरू किया, तो 2006 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या एक माह में मात्र 29 थी, जो 2024 में प्रति माह 11 हजार तक बढ़ गई है।

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इंजीनियरिंग कॉलेज, महिला आईटीआई और मेडिकल कॉलेज की स्थापना

लालू यादव और उनके परिवार पर हमला करते हुए, मुख्यमंत्री ने उठाया सवाल कि राजनीति में जिसे सत्ता मिलती है, वह क्या-क्या नहीं कर बैठता? अगर वह अपने पद से हट गया, तो उसने अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बना दिया। इसके बाद, उनके बेटे-बेटियाँ अनाप शनाप बोलता रहता हैं। पहले, क्या कभी किसी को लड़कियों के बारे में सोचने का समय मिलता था?

साइकिलों का बांटा तो लड़कियाँ न केवल पढ़ने जा सकती है, बल्कि वह मां को बैठाकर बाजार जाने में भी सक्षम हो गईं। आरा में इंजीनियरिंग कॉलेज, महिला आईटीआई और मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 544 करोड़ रुपये से अस्पतालों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।

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