बिहार के 5वीं कक्षा की छात्रा तेजस्वी प्रियांशी की उपलब्धि, ओएमजी बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में नाम दर्ज

Araria News
Achievement of Tejashwi Priyanshi a class 5 student of Bihar
बिहार के 5वीं कक्षा की छात्रा तेजस्वी प्रियांशी की उपलब्धि, ओएमजी बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में नाम दर्ज

बिहार के सीतामढ़ी शहर के प्रतापनगर मोहल्ले की पांचवीं कक्षा की छात्रा तेजस्वी प्रियांशी की लिखी रचना ओएमजी बुक आफ रिकॉर्ड में शामिल हुई है। सेंट मेरी कान्वेंट स्कूल की प्रधानाचार्या सिस्टर जीवन और विद्यालय प्रबंधन अपनी छात्रा तेजस्वी प्रियांशी की उपलब्धि पर गौरवान्वित हैं। छात्रा तेजस्वी शिक्षिका सह लेखिका प्रियंका कुमारी एवं अधिवक्ता अखिलेश कुमार झा की सुपुत्री है।

उत्तराखंड स्थित प्राची डिजिटल पब्लिकेशन ने भारत सरकार द्वारा मनाए जा रहे ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ से प्रेरित होकर कविता संग्रह ‘भारत@ 75’ देशभक्ति की भावनाओं से ओत-प्रोत उत्कृष्ट संकलन प्रकाशित किया गया है। जिसके दूसरे भाग में तेजस्वी प्रियांशी की रचना को स्थान मिला है।

Tejashwi Priyanshi a class 5 student from Bihar
बिहार के 5वीं कक्षा की छात्रा तेजस्वी प्रियांशी

मां के बाद बेटी ने किया यह कमाल

‘भारत@75’ का संकलन अपने आप में एक अंनूठा संकलन है, क्योंकि इसमें संपूर्ण भारत के नामचीन 75 रचनाकारों की उत्कृष्ट 75 रचनाएं शामिल की गई है। पूरे देश से हजारों रचनाएं भेजी गई थी। लेकिन केवल ऐसी रचनाओं को शामिल किया गया है, जिनमें देशभक्ति, देश के प्रति गहरी श्रद्धा झलकती है।

Tejashwi Priyanshis composition entered OMG Book of Records
तेजस्वी प्रियांशी की लिखी रचना ओएमजी बुक आफ रिकॉर्ड में शामिल हुई

आपको बताते चलें कि इस पुस्तक के प्रथम भाग में तेजस्वी प्रियांशी की माता शिक्षिका प्रियंका का भी चयन किया गया था। मां के बाद बेटी की यह उपलब्धि जिले सहित बिहार के लिए गर्व का विषय है।

ओएमजी बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुई उपलब्धि

गौरव की बात है, कि मात्र 10 वर्ष की उम्र में तेजस्वी प्रियांशी को यह उपलब्धि हासिल हुई है। 5 दिन के अंदर पुस्तक बनाने का अनूठा रिकॉर्ड भी प्राची डिजिटल पब्लिकेशन द्वारा बनाया गया है, जिसके लिए इस पुस्तक को ओएमजी बुक औफ रिकॉर्ड में दर्ज कर राष्ट्रीय उपलब्धि दर्ज की गई।

Bharat@75 book
भारत@75 पुस्तक

तेजस्वी की रचना ‘गर्व करने को बनी है भारत भूमि मेरी ’ राष्ट्र के प्रति प्रेम भावना, श्रद्घा और विश्वास के सामंजस्य के साथ साथ सभी देशवासियों के त्याग की महत्व को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री को भेंट की गई पुस्तक

यह जरूरी नहीं है, कि देश के प्रति अपना प्रेम और समर्पण दिखलाने के लिए सीमा पर जाएं, अपने देश की सेवा हम सामाजिक जीवन जीते हुए श्रद्घा और विश्वास के साथ अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन कर सकते हैं। और यही ‘भारत@75’ पुस्तक में किया गया है। यह पुस्तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेंट की गई है।

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