7 जिलों में सेब की खेती पर बनी योजना, बिहार में आएगी सेब क्रांति, ऐसे करें खेती करने के लिए आवेदन

Araria News
Plan made on apple cultivation in 7 districts
Plan made on apple cultivation in 7 districts

7 जिलों में सेब की खेती पर बनी योजना, बिहार में आएगी सेब क्रांति, ऐसे करें आवेदन- बिहार कृषि के लिए समृद्ध भूमि के तौर पर जाना जाता है । बिहार में गेहू से लेकर मक्का व चावल की भरमार खेती होती है । लेकिन क्या हो अगर इन गेहू और मक्के के खेत में आपको सेब लटकता दिखे । बिहार सरकार बिहार के 7 जिलों में सेब की खेती के लिए योजना बनाई है।

कश्मीरी नहीं अब लोग खाएंगे बिहार का सेब

अब बिहार के लोग सहित पूरे देश के लोग कश्मीरी और शिमला का ही सेव नहीं बल्कि बिहार का सेब खिला सकेंगे। जानकारी के मुताबिक इसको लेकर पूरी तैयारी करीब-करीब हो चुकी है। तो आपको इस खबर में बताएँगे की बिहार में सेब की खेती के लिए आप आवेदन कैसे करे और सेब की खेती के लिए अनुकूल समय बिहार में क्या है ।

15 जनवरी तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

बिहार में कई ऐसे किसान हैं जो कुछ नया ट्राय करना चाहते हैं । आप बिहार में रहते हैं और अगर आप भी इच्छुक हैं सेब की खेती करने में तो आप 15 जनवरी तक सेब की खेती के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जानकारी के बता दूं कि 15 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन horticulture.bihar.gov.in के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। इससे संबंधी विशेष जानकारी जिला के सहायक निदेशक उद्यान से भी सलाह लिया जा सकता है ।

बिहार के सात जिलों में हो रही है खेती की तैयारी

खबरों की माने तो बिहार सरकार ने जिन 7 जिलों में खेती के लिए तैयारी कर रही है। इन जिलों में बिहार के वैशाली, समस्तीपुर, भागलपुर, बेगूसराय आदि जिले शामिल है। आपको बता दें कि इन जिलों में कुछ ऐसे छोटे और मझोले किसान है जो सेव की खेती कर भी रहे हैं। हालांकि अब तक जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसी ठंड जगह पर सेब की खेती होती है। लेकिन कुछ ऐसी वैरायटी है जैसे कि हरीमन 99, सेट गोल्डन जैसी कई वैरायटी है, जो कि बिहार के इन वातावरण में अच्छी उपज देती है।

पौधा रोपण का सही समय

सेब की खेती के लिए पौधे रोपण 15 नवंबर से 15 फरवरी के बीच किया जा सकता है। क्योंकि यह समय इन पौधों के लिए उपयोगी मन जाता है। पौधा लगाने के बाद 2 वर्ष बाद इसमें फूल आना शुरू हो जाता है वही फूल आने के बाद माई और जून में फल तैयार होने लगता है। वही आपको बता दे कि करीब करीब 5 सालों के बाद पौधे अच्छे फल देने लायक हो जाते हैं, और इसकी कीमत ₹200 प्रति किलो तक मिलती है।

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