बिहार में आटोमेटिक मशीनों द्वारा होगी व्यावसायिक वाहनों की जांच, निजी क्षेत्रों से लिया जा रहा है आवेदन

Araria News
Vehicles will be checked by automatic machines in Bihar
Vehicles will be checked by automatic machines in Bihar

बिहार में आटोमेटिक मशीनों द्वारा होगा व्यावसायिक वाहनों की जांच, निजी क्षेत्रों से लिया जा रहा है आवेदन-   बिहार में व्यावसायिक वाहनों के फिटनेस की जांच जल्द ही आटोमेटिक मशीन के द्वारा की जाएगी। आटोमेटेड फिटनेस टेस्टिंग सेंटर स्थापित करने के लिए निजी क्षेत्र की मदद ली जाएगी।

बिहार में आटोमेटिक मशीनों द्वारा होगी वाहनों की जांच

परिवहन विभाग ने हर जिले में 10 आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन खोलेने की योजना बनाई है। इस कार्य के लिए निजी क्षेत्रों से आवेदन माँगा जा रहा है । वैसे व्यक्ति या कंपनी जो सेंटर खोलने के लिए इच्छुक हैं वे 15 दिसंबर 2021 तक राज्य परिवहन आयुक्त कार्यालय में तय शुल्क के साथ आवेदन जमा कर सकते हैं। जानकारी के लिए आपको बता दे की वर्तमान में वाहनों की फिटनेस जांच मोटरयान निरीक्षक द्वारा मैनुअली की जाती है जो इस योजना के बाद आटोमेटेड हो जायेगा ।

हर जिले में खुलेंगे 10 फिटनेस सेंटर

परिवहन मंत्री शीला कुमारी ने जानकारी देते हुए कहा कि  वाहनों की फिटनेस जांच आटोमेटिक पद्धति से होने से सड़क दुर्घटना में गिरावट आएगी तथा पर्यावरण स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा। आवेदन प्राप्ति के एक महीने के अंदर विशेष टीम गठित कर सभी आवेदनों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। स्थल निरीक्षण करते हुए योग्य आवेदकों को चुना जाएगा और इस योजना को जल्द से जल्द पूरा किया जायेगा । हर जिले में 10 फिटनेस सेंटर खोलने की योजना बनाई गई है ।

सीसीटीवी के निगरानी में होगी जाँच की प्रक्रिया

आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन पूरी तरह सीसीटीवी के निगरानी में होंगे व जांच के लिए आने वाले हर वाहन के प्रवेश से लेकर जांच की हर प्रक्रिया रिकॉर्ड कि जाएगी। किस जिले में कितने वाहनों की जांच हो रही है, मानक के अनुसार जांच हो रही है या नहीं, इन सबकी निगरानी भी की जाएगी । आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन में वाहन के हर एक पार्ट की की जाँच की जाएगी जैसे ब्रेक, कलच, स्पीडोमीटर, विंडो ग्लास, हार्न, लाइट, वाइपर आदि। 

इस जाँच के बाद अनफिट गाड़ियों की पहचान आसान होगी। अनफिट गाडिय़ों को सड़क पर चलने की अनुमति नहीं होगी, जिससे की दुर्घटना को होने से रोका जायेगा । वर्तमान में मनुवली जाँच की जाती है जिससे गड़बड़ी की आशंका अधिक रहती है ।

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