अच्छी खबर: एनएच 80 पर खर्च होंगे 883 करोड़, बिहार-झारखण्ड के लोगों को होगा फायदा

Araria News
883 crore will be spent on NH 80
अच्छी खबर: एनएच 80 पर खर्च होंगे 883 करोड़, बिहार-झारखण्ड के लोगों को होगा फायदा

बिहार के लोगों के लिए अच्‍छी खबर है। बिहार और झारखंड़ की सीमा को जोड़ने वाले एनएच-80 का निर्माण जल्‍द शुरू होगा। दो चरणों में बननेवाले मुंगेर-मिर्जाचौकी एनएच-80 के निर्माण पर मुहर लग !गया है। मार्च से शुरू होने वाले भागलपुर जीरोमाइल से मिर्जाचौकी के बीच सड़क बनाने की जिम्मेदारी अरुणाचल प्रदेश की टीटीसी इंफ्रा इंडिया को मिली है। सबसे कम दर पर टेंडर भरने के कारण इस एजेंसी का सड़क बनाने के लिए चयन किया गया है। वहीं दूसरे चरण में बनने वाली मुंगेर घोरघट-नाथनगर दोगच्छी सड़क बनाने वाली एजेंसी का चयन मंगलवार को होगा। इधर, दो हिस्से में सड़क बनेगी। घोरघट (मुंगेर) से दोगच्छी 398.88 करोड़ रुपये और जीरोमाइल से मिर्जाचौकी 484.88 करोड़ रुपये खर्च होंगे। चयनित एजेंसी को 600 दिन में निर्माण पूरा करना होगा।

दो हिस्से में बनने वाली सड़क केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट और निर्माण राशि 971 करोड़ राशि मंत्रालय की केंद्रीय कमेटी की स्वीकृति मिल चुकी है। सड़क निर्माण में बाधक बिजली खंभे, चापाकल और जलापूर्ति पाइपों को हटाया जाएगा। जिसमें 50 करोड़ रुपये खर्च होगा। सड़क 10 मीटर चौड़ी की जाएगी। पीसीसी सड़क बनेगी।

nh 80
एनएच-80 का निर्माण जल्‍द शुरू

व्यावसायिक कार्यों का मुख्य मार्ग

आवश्यकता अनुसार कुछ जगहों में तीन और कुछ जगहों में सड़क फोरलेन भी होगा। मसाढू सहित कई पुल व एक सौ कलवर्ट का निर्माण होना है। पर्यावरण की दृष्टिकोण से पौधारोपण होना है। कहलगांव और पीरपैंती के बीच टोल प्लाजा बनना है। इस मार्ग पर प्रतिदिन 25-30 हजार वाहनों का परिचालन होता है। यह व्यावसायिक कार्यों का मुख्य मार्ग है। मिर्जाचौकी से पूरे बिहार, नेपाल, पश्चिम बंगाल को पत्थर आपूर्ति का यह मुख्य मार्ग है।

पुल व एक सौ कलवर्ट का निर्माण होगा

कहलगांव एनटीपीसी से सहरसा, मधेपुरा, बेगूसराय, पूर्णिया और किशनगंज फ्लाईएश ले जाने का भी यही मुख्य मार्ग है। जीरोमाइल से इंजीनियरिंग कालेज के बीच 12 मीटर चौड़ी और घोघा तक डेढ़ मीटर सड़क ऊंची बनेगी। मसाढू सहित कई पुल व एक सौ कलवर्ट का निर्माण होना है। जीरोमाइल से पीरपैंती के बीच सड़क के दोनों ओर ड्रेन बनेगा।

इसका उपयोग फुटपाथ के रूप में होना है। जीरोमाइल, सबौर, घोघा, पीरपैंती, त्रिमुहान, शिवनारायणपुर के पास जंक्शन (गोलंबर) बनना है। पर्यावरण की दृष्टिकोण से पौधारोपण होना है। कहलगांव और पीरपैंती के बीच टोल प्लाजा बनना है। इसके लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया चल रही है।

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