BPSC Success Story: बिहार के मयंक ने सेल्फ स्टडी करके पहले ही प्रयास में पाई सफलता, जानिए उनकी कहानी

Araria News
success story of BPSC 14th ranked Mayank
बीपीएससी की 14वीं रैंक मयंक की सफलता की कहानी

66th BPSC में अपने पहले ही प्रयास में सफल रहे अभ्यर्थी मयंक प्रकाश की सफलता की कहानी आज सभी के लिए प्रेरणादायक है। मयंक ने केवल 6 माह की तैयारी से ही बीपीएससी में 14वां स्थान प्राप्त किया है। जानिए उनकी सफलता की कहानी।

सेल्फ स्टडी करके पहले ही प्रयास में पाई सफलता

बिहार पीसीएस में सफल होना किसी अभ्यर्थी के लिए सपने से कम नहीं हैI  उन्होंने मीडिया को दिए एक अपने इंटरव्यू में अपनी सफलता की ये कहानी साझा की है जो बिहार पीसीएस की तैयारी कर रहे अन्य अभ्यर्थियों के लिए एक मिसाल है I

मयंक प्रकाश ने अपने पहले ही प्रयास में 14वाँ स्थान प्राप्त किया है और स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर चयनित हुए हैंI  मयंक ने बताया कि वो बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले है और ये उनका प्रथम प्रयास थाI अपने दृढ़निश्चय और लगन से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है।

Mayank from Bihar succeeded through self study
बिहार के मयंक ने सेल्फ स्टडी से हुए सफल

BPSC success story

जागरण जोश – अपने बारे में कुछ बताइये।
मयंक प्रकाश – मेरा जन्म बिहार के पूर्णिया जिले में हुआ था, मैंने अपनी 10th तक की पढाई DAV पब्लिक स्कूल पूर्णिया से और 12th की पढाई दिल्ली पब्लिक स्कूल बोकारो स्टील सिटी से पूरी की है I इसके बाद मैंने बैंगलोर इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में B.E किया है और वर्तमान में मै बेंगलुरु में एक मल्टीनेशनल कंपनी में सीनियर ऑफिसर के पद पर हूँI

जागरण जोश – बीपीएससी में ये आपका कौन सा एटेम्पट था ?
मयंक प्रकाश – जी पहला प्रयास।
जागरण जोश- आप कितने वर्षों से परीक्षा की तैयारी में लगे हैं ?
मयंक प्रकाश- मैंने 66वीं बीपीएससी परीक्षा से 6 महीने पहले गंभीरतापूर्वक परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी।

जागरण जोश- आपने परीक्षा की तैयारी कहाँ से की है? स्वयं या किसी कोचिंग संस्थान की सहायता ली है?
मयंक प्रकाश- मैंने सेल्फ स्टडी की है साथ ही ज्यादातर ऑनलाइन उपलब्ध कंटेंट और मैटेरियल पर भरोसा किया। मैंने कोई कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। हालाँकि, मैंने इंटरनेट पर उपलब्ध स्टडी मैटेरियल का व्यापक रूप से उपयोग किया, उदाहरण के लिए, मैंने Google और YouTube आदि जैसे स्रोत से सहायता ली।

जागरण जोश- आपने प्रतिदिन कितने घंटे की स्टडी करते हैं ।
मयंक प्रकाश – मैं एक नौकरी पेशा व्यक्ति हूँ इसलिए मैं एक दिन में अधिकतम 3-4 घंटे ही पढाई कर सकता था। हालांकि, मैंने अपनी पढाई में शनिवार और रविवार का अधिकतम प्रयोग करने का प्रयास किया है।

जागरण जोश- आपने इंटरव्यू की तैयारी कैसे की ?
मयंक प्रकाश- इंटरव्यू के लिए, मैंने अपनी प्रोफ़ाइल के आधार पर स्पेसिफिक टॉपिक तैयार किए (उदाहरण के लिए, अपने जिले, वर्तमान नौकरी, ग्रेजुएशन के विषय, वैकल्पिक विषय आदि) मैंने नियमित रूप से न्यूज़ पेपर से करंट अफेयर्स तैयार किए और खुद को अपडेटेड रखा। इसके अलावा मैंने ऑनलाइन मॉक इंटरव्यू की भी मदद ली ।

जागरण जोश – आपसे इंटरव्यू में किस प्रकार के प्रश्न अधिक पूछें गए थे?
मयंक प्रकाश -इंटरव्यू में मुझसे ज्यादातर प्रश्न वैकल्पिक विषय (मेरा समाजशास्त्र था), कर्रेंट वर्क प्रोफाइल, करंट अफेयर्स से संबंधित प्रश्न (उदाहरण ज्ञानवापी मुद्दा, श्रीलंका संकट, वैक्सीन कार्यक्रम आदि) से पूछे गए थे।

जागरण जोश- आपने कर्रेंट अफेयर की तैयारी कैसे की ?
मयंक प्रकाश- मेरी कर्रेंट अफेयर्स की तैयारी ज्यादातर न्यूज़ पेपर से हुई। मैंने न्यूज़ पेपर से महत्वपूर्ण विषयों के छोटे-छोटे नोट्स तैयार किए। न्यूज़ पेपर मेरे कर्रेंट अफेयर्स की तैयारी का प्राथमिक स्रोत था। इसके अलावा, मैंने करेंट अफेयर्स की मासिक पत्रिका को भी फॉलो किया।

जागरण जोश- आपकी पारिवारिक पृष्ठभूमि क्या है?
मयंक प्रकाश- मेरा परिवार बिहार के पूर्णिया जिले का एक बहुत ही सम्मानित और शिक्षित परिवार है। मेरे पिता बीएनएमयू, मधेपुरा में कॉमर्स के प्रोफेसर थे।और अब वे हमारे बीच नहीं हैं, मेरी माँ ने गृह विज्ञान में एमए किया है और एक जिम्मेदार गृहिणी हैं। मेरी 3 बड़ी बहनें हैं, सभी विवाहित हैं और वे सरकारी बैंक और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत हैं।

जागरण जोश- इस परीक्षा की तैयारी में आपकी पारिवारिक पृष्ठभूमि ने किस प्रकार की भूमिका निभाई ?
मयंक प्रकाश- निश्चित रूप से इस तैयारी के दौरान मेरी पारिवारिक पृष्ठभूमि ने मेरी मदद की है, क्योंकि मैंने हमेशा से ही अपने परिवार से सामजिक कार्यों में योगदान देना सीखा है और मेरे परिवार ने मेरे निर्णयों में हमेशा मेरा साथ दिया है।

जागरण जोश- आपकी हॉबी क्या हैं?
मयंक प्रकाश- मेरी हॉबी ट्रैवलिंग और नई जगहों पर घूमना है। मैंने अपने दोस्तों के साथ बहुत बार ट्रैवलिंग की हैं और इससे मैं हमेशा फ्रेश फील करता हूँI
जागरण जोश- आगे भविष्य की क्या प्लान है आपके मन में ?
मयंक प्रकाश- मैं बिहार (मेरे गृह राज्य) में स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर के रूप में कार्य करना चाहता हूं और अपनी पूरी क्षमता से अपने राज्य की सेवा करना चाहता हूं।

जागरण जोश- आपकी प्रेरणा कौन हैं?
मयंक प्रकाश- मेरे पिता स्वर्गीय डॉ. महेंद्र प्रसाद
जागरण जोश- आपका लक्ष्य क्या है? और अब आप इस दिशा में क्या प्रयास कर रहें हैं?
मयंक प्रकाश- मेरा लक्ष्य एक अच्छा सिविल सेवक बनना है और समाज के लिए कार्य करना और नागरिकों की मदद करना है। इसके लिए मैं अपने राज्य की सामाजिक-आर्थिक स्थिति और जमीनी स्तर के मुद्दों को समझने की कोशिश कर रहा हूं।

जागरण जोश- आपकी पढाई की स्ट्रेटेजी क्या थी ?
मयंक प्रकाश- मैंने ज्यादातर सेल्फ स्टडी की है साथ ही, प्रीलिम्स और मुख्य परीक्षा के लिए और आंसर राइटिंग प्रैक्टिस के लिए बहुत सारे मॉक टेस्ट भी लगाए हैं, तैयारी हमेशा से ही पाठ्यक्रम पर केंद्रित होनी चाहिए इसीलिए मैंने पिछले वर्षों के प्रश्नों को लगातार ध्यान में रखते हुए तैयारी की है क्योंकि इससे हमें परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के स्वरुप की समझने में आसानी होती है। प्रमुख विषयों पर संक्षिप्त नोट्स तैयार करना और उन्हें बार-बार समय के साथ अपडेट करते रहना भी महत्वपूर्ण है।

परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को मयंक का सलाह

जागरण जोश- बीपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे अन्य युवाओं को आप क्या सलाह देना चाहेंगे?
मयंक प्रकाश- मैं इस परीक्षा की तैयारी कर रहे अन्य अभ्यर्थियों से कहना चाहूँगा कि, पढाई के कुछ सोर्सेस को फॉलो करें और तैयारी के दौरान उस पर टिके रहने का सुझाव देना चाहूंगा। बाजार में, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरह से बहुत सारी परीक्षा से सम्बंधित सामग्री उपलब्ध है, इसलिए, कृपया मानक संसाधनों का ही प्रयोग करें और पाठ्यक्रम के अनुसार ही तैयारी करें। क्या पढ़ें से ज्यादा यह समझना जरूरी है कि क्या नहीं पढ़ना है। ध्यान केंद्रित रखें और प्रेरित रहें। मैं सभी उम्मीदवारों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं।

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